SIRMAUR: ऑटोमाइज होंगी जलशक्ति विभाग की वाटर स्कीमें, शिलाई में प्रयोग सफल, ये मिलेगा फायदा

इससे न केवल बिजली की खपत कम हो जाएगी, बल्कि योजनाओं की मरम्मत और अन्य कार्यों पर खर्च होने वाले बजट में भी कटौती होगी.

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नाहन|
SIRMAUR:जलशक्ति विभाग सिरमौर जल्द अपनी वाटर स्कीमों को ऑटोमाइज करेगा. शिलाई विधानसभा क्षेत्र में विभाग ने एक स्कीम को ऑटोमाइज कर दिया है. इस स्कीम को पायलट प्रोजैक्ट के तौर पर शुरू किया गया था, जिसमें विभाग को सफलता भी मिली है. अब धीरे-धीरे अन्य स्कीमों को भी विभाग मानव रहित स्कीमों में बदलने की योजना बना रहा है.

इससे न केवल बिजली की खपत कम हो जाएगी, बल्कि योजनाओं की मरम्मत और अन्य कार्यों पर खर्च होने वाले बजट में भी कटौती होगी. ऐसी योजनाओं को डिवीजन और सब डिवीजन से कंट्रोल किया जाएगा.

सिरमौर जलशक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता ई. राजीव महाजन ने मीडिया से मुखातिब होते हुए ऑटोमाइज की गई शिलाई की स्कीम का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि विभाग अपनी स्कीमों में कॉस्ट कटिंग कर रहा है. अभी विभाग की लिफ्ट स्कीमों के संचालन में विद्युत बोर्ड पर निर्भरता सबसे ज्यादा है. उन्होंने बताया कि विभाग का ये भी प्रयास है कि छोटी-छोटी योजनाओं को सोलर से जोड़ा जाए. इससे भी विभाग के खर्च कम हो जाएंगे.

उन्होंने बताया कि हर साल बाढ़ से कहर बरपाने वाली सिरमौर जिला की तीन नदियों के चेनेलाइजेशन को भी अनुमति मिल गई है. अब इसकी फंडिंग का इंतजार है. उन्होंने बताया कि यमुना नदी के चेनेलाइजेशन पर 250 करोड़, मारकंडा नदी पर 100 करोड़ और गिरि नदी पर 26 करोड़ से खर्च होंगे.