HRTC बस हादसा : प्रशासन ने जारी की मृतकों और घायलों की सूची, क्लिक पर पूरी अपडेट

उत्तराखंड में हादसे का शिकार हुई चौपाल-पांवटा साहिब रूट पर चलने वाली हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बस में सवार 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 33 लोग घायल हुए हैं। दुर्घटना के बाद हिमाचल और उत्तराखंड प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया।

0

शिमला/पांवटा साहिब : उत्तराखंड में हादसे का शिकार हुई चौपाल-पांवटा साहिब रूट पर चलने वाली हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बस में सवार 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 33 लोग घायल हुए हैं। दुर्घटना के बाद हिमाचल और उत्तराखंड प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान पुलिस और प्रशासन की मदद से स्थानीय लोगों ने घायलों को खड्ड में गिरी बस से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। घायलों को अस्पताल पहुंचाने और मौके पर रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद प्रशासन ने देर शाम को हादसे में मारे गए लोगों सहित घायलों की सूची जारी कर दी है।

इस दुर्घटना में दो महिलाओं सहित एक नेपाली मूल के व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि, चालक और परिचालक सहित कुल 33 लोग हादसे में घायल हुए हैं। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। प्रशासन के अनुसार इस हादसे में मृतकों की पहचान रिचा (30) पत्नी वीरेंद्र निवासी बिजमल, तहसील नेरवा, जिला शिमला (हिमाचल), यासमीन (38) पत्नी नेक मोहम्मद कियरला, तहसील नेरवा, जिला शिमला (हिमाचल), धन बहादुर पुत्र कारी बहादुर निवासी कियरला, तहसील नेरवा, जिला शिमला (हिमाचल) मूल निवासी नेपाल के रुप में हुई है।

ये भी पढ़ें:  बदला मौसम का मिजाज, इन जिलों में आज तेज तूफान और बारिश की संभावना

इसके साथ साथ जारी घायलों की सूची में नेक मोहम्मद पुत्र नूर मोहम्मद निवासी कियरला, तहसील नेरवा, जिला शिमला (हिमाचल), श्याम सिंह चौहान (59) पुत्र कंवर सिंह निवासी कटवा चकराला, तहसील नेरवा, जिला शिमला (हिमाचल), अंजना (22) पत्नी ईश्वर शर्मा निवासी तहसील नेरवा, जिला शिमला (हिमाचल), ईश्वर शर्मा (32) पुत्र विशाल निवासी तहसील नेरवा, जिला शिमला (हिमाचल), वंशुल पुत्र ईश्वर शर्मा निवासी तहसील नेरवा, जिला शिमला (हिमाचल), विनोद कुमार (24) पुत्र घमंडू पंडित निवासी गोपालगंज (बिहार), किशन कुमार (30) पुत्र मोती लाल निवासी मझी (बिहार), जावेद मोहम्मद (38) पुत्र नजीरद्दीन निवासी चिड़गांव, जिला शिमला (हिमाचल), रजत (27) पुत्र मोहर सिंह निवासी तहसील नेरवा, जिला शिमला (हिमाचल), विशयश कुमार (29) पुत्र धर्मनंद पंडित निवासी तहसील नेरवा, जिला शिमला (हिमाचल), प्रदीप (35) पुत्र चंशाकर निवासी ग्राम शिवगंज, जिला मुजफ्फरपुर (बिहार), बलवीर सिंह (46) पुत्र हरिया रमेश निवासी चकराला, देहरादून (उत्तराखंड), कयूम (38) पुत्र नजीर अहमद निवासी सहारनपुर (उत्तर प्रदेश), निधि राणा (18) पुत्री सोहन सिंह निवासी नेरवा, जिला शिमला (हिमाचल), गजल राणा (20) पुत्री सोहन सिंह निवासी नेरवा, जिला शिमला (हिमाचल), ईशु शर्मा (36) पुत्र विशनदास निवासी नेरवा, जिला शिमला (हिमाचल), पंशुल (1 वर्ष 6 माह) पुत्र ईशु शर्मा निवासी नेरवा, जिला शिमला (हिमाचल), अंजलि (25) पत्नी ईशु शर्मा निवासी नेरवा, जिला शिमला (हिमाचल), नर्गिस (20) पत्नी शमशाद निवासी पेवोला, तहसील नेरवा, जिला शिमला (हिमाचल), घमंडू पंडित (55) पुत्र रामस्वरूप पंडित निवासी झाझवा बाजार, जिला गोपालगंज (बिहार), विजय कुमार (35) पुत्र जयपाल निवासी काजीपुरा, नवादा रोड, जिला सहारनपुर (यूपी), विनोद कुमार (24) पुत्र घमंडू पंडित निवासी झाझवा बाजार, जिला गोपालगंज (बिहार), मोमिना (12) पुत्री गुलजार निवासी सडोरा, हरियाणा, जिला यमुनानगर (हरियाणा), शहजाद (26) पुत्र वजीरद्दीन निवासी कीमा चंद्रावली, तहसील चौपाल, जिला शिमला, वीर सिंह (58) पुत्र हस्तेगारची निवासी तूनी, तहसील तूनी, जिला देहरादून, सुशांत (16) पुत्र भगतराम निवासी:कुमारहाला, कांडा, टिकरी, जिला शिमला, वीरेश कुमार (22) पुत्र रामनाथराम निवासी गोपालगंज (बिहार), हुसैन अली (45) पुत्र एलमदीन निवासी विदी, तहसील नेरवा, जिला शिमला (हिमाचल), केवल राम शर्मा (63) पुत्र नंद राम निवासी तहसील नेरवा, जिला शिमला (हिमाचल), सुमित (19) पुत्र शाम सिंह निवासी शिरान, तहसील नेरवा, जिला शिमला (हिमाचल), निशा (34) पत्नी बाबूराम निवासी तहसील नेरवा, जिला शिमला (हिमाचल), प्रगति जोशी (12), पुत्री नंद राम निवासी तहसील नेरवा, जिला शिमला (हिमाचल), दिनेश (चालक) निवासी चौपाल, जिला शिमला (हिमाचल) शामिल हैं।

ये भी पढ़ें:  सिरमौर में हादसा, ट्रक की चपेट में आने से स्कूटी चालक की दर्दनाक मौत

बता दें कि इस हादसे के बाद सोशल मीडिया पर गलत अफवाहें भी फैलाई गईं। यहां तक कि मृतकों की संख्या को लेकर भी गलत जानकारी प्रचारित हुईं, जिसे लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने चिंता जाहिर की और कहा कि जब तक आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि न हो तो ऐसी सूचनाओं पर विश्वास न करें। साथ ही गलत सूचनाएं साझा करने से भी गुरेज करना चाहिए।