शिलाई : हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के शिलाई विधानसभा क्षेत्र में महिला मतदाता लिंगानुपात बढ़ाने के लिए एसडीएम शिलाई ने नई रणनीति तैयार की है। इसके तहत 18 जून से 10 बीएलओ और 10 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने-अपने केंद्रों के सर्वेक्षण पंजीयक लेकर एसडीएम कार्यालय में रिपोर्ट करेंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पास अपने केंद्रों का अद्यतन छमाही सर्वे नामवार और उम्रवार उपलब्ध रहता है, जिसके आधार पर पात्र महिलाओं की पहचान की जाएगी।
एसडीएम स्वयं इन सर्वे रजिस्टरों का परीक्षण करेंगे और 18 वर्ष से अधिक आयु की उन महिलाओं को चिन्हित करेंगे, जिनके मतदाता पहचान पत्र अभी तक नहीं बने हैं। इसके बाद संबंधित बीएलओ से उसी समय आवश्यक प्रपत्र भरवाकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उनके क्षेत्र की कोई भी पात्र महिला मतदाता सूची से वंचित न रहे।
गौरतलब है कि शिलाई विधानसभा क्षेत्र में महिला मतदाता लिंगानुपात पूरे देश के विधानसभा क्षेत्रों में सबसे कम था। यहां प्रति 1000 पुरुष मतदाताओं पर केवल 801 महिला मतदाता दर्ज थीं। इस स्थिति की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम शिलाई ने विशेष प्रयास शुरू किए और रिकॉर्ड समय में इस अनुपात को 801 से बढ़ाकर 836 तक पहुंचा दिया। उनके इन प्रयासों की सराहना भारतीय चुनाव आयोग ने भी की है और उन्हें राज्य निर्वाचन विभाग द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।
एसडीएम शिलाई जसपाल ने बताया कि उनका लक्ष्य शिलाई विधानसभा क्षेत्र के महिला मतदाता लिंगानुपात को राष्ट्रीय औसत के बराबर पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले बीएलओ के माध्यम से विशेष अभियान भी चलाया गया था, लेकिन उससे अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। इसके बाद उन्हें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सर्वे रजिस्टरों का उपयोग करने का विचार आया, जिसके माध्यम से छूटी हुई महिला मतदाताओं की अधिक सटीक पहचान संभव हो सकेगी।
एसडीएम ने बताया कि महिला मतदाता लिंगानुपात में सुधार की जो मुहिम उन्होंने शुरू की है, वह तब तक जारी रहेगी जब तक शिलाई विधानसभा क्षेत्र में इस अनुपात में उल्लेखनीय सुधार नहीं हो जाता। उन्होंने क्षेत्रवासियों से भी अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें और अपने आसपास ऐसी पात्र महिलाओं की जानकारी दें, जिनके मतदाता पहचान पत्र अब तक नहीं बने हैं, ताकि उन्हें भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ा जा सके।
