HomeHimachalShimla50% सब्सिडी, हर महीने 65 हजार की मदद... हिमाचल के बेरोजगार युवाओं...

50% सब्सिडी, हर महीने 65 हजार की मदद… हिमाचल के बेरोजगार युवाओं के लिए सरकार लाई ये योजना

योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को इलेक्ट्रिक बसों की खरीद पर 50 प्रतिशत और डीजल बसों की खरीद पर 30 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही प्रदेशभर में चिन्हित 1,000 मार्गों पर बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।

शिमला : प्रदेश सरकार ने बेरोजगार युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित करने, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सदृढ़ बनाने और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना (चरण-Ⅳ) शुरू करने का निर्णय लिया है।

योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को इलेक्ट्रिक बसों की खरीद पर 50 प्रतिशत और डीजल बसों की खरीद पर 30 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही प्रदेशभर में चिन्हित 1,000 मार्गों पर बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को इलेक्ट्रिक बसों के लिए पांच वर्षों तक 65 हजार रुपये प्रतिमाह तथा डीजल बसों के लिए 50 हजार रुपये प्रतिमाह परिचालन प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी।

यह योजना पूरे हिमाचल प्रदेश में लागू होगी और प्रत्येक उपमंडल में कम-से-कम 10 मार्ग चिन्हित किए जाएंगे। योजना के तहत न्यूनतम 32 सीटों वाली इलेक्ट्रिक एवं डीजल यात्री बसें पात्र होंगी।

ये भी पढ़ें:  मानवाधिकारों की जमीनी हकीकत परखने सोलन पहुंचे एनएचआरसी के विशेष मॉनिटर बालकृष्ण गोयल, दिए ये निर्देश

योजना का क्रियान्वयन श्रम, रोजगार एवं विदेशी नियोजन विभाग द्वारा परिवहन विभाग तथा जिला प्रशासन के सहयोग से किया जाएगा। चिन्हित उपमंडलीय मार्गों पर बसों के संचालन से लोगों की शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य सेवाओं, सरकारी कार्यालयों, औद्योगिक क्षेत्रों, पर्यटन स्थलों तथा दूरस्थ पंचायतों तक पहुंच अधिक सुगम होगी।

इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

योजना के लिए आवेदक का हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य होगा। उसकी आयु 25 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। उसके पास कम-से-कम तीन वर्ष का अनुभव और वैध हेवी ड्राइविंग लाइसेंस होना आवश्यक होगा।

बस का संचालन स्वयं लाभार्थी द्वारा किया जाएगा। राज्य के रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी और चयन प्रक्रिया में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आवेदकों को वरीयता प्रदान की जाएगी।

ये भी पढ़ें:  प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंची सिरमौर की चंपा की गुहार, चूड़धार पैदल मार्ग को लेकर जिला प्रशासन से मांगी रिपोर्ट

योजना के प्रभावी एवं पारदर्शी संचालन के लिए सभी बसों में जीपीएस आधारित वाहन ट्रैकिंग प्रणाली स्थापित की जाएगी और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

योजना के तहत संचालित बसों में यात्रा करने वाली महिलाओं को किराये में 50 प्रतिशत की रियायत मिलेगी, जबकि कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों को विशेष पास प्रणाली के माध्यम से रियायती यात्रा सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।

राज्य सरकार का मानना है कि इस पहल से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे, ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी, पर्यटन एवं स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा स्वच्छ एवं हरित परिवहन तकनीकों को अपनाने में तेजी आएगी।

ये भी पढ़ें:  पांगी घाटी के युवाओं को मिलेंगे बस-ट्रैवलर परमिट, रोड़ टैक्स में मिलेगी 4 माह की छूट

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यह योजना राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत बेरोजगार युवाओं को कम वित्तीय बोझ के साथ टिकाऊ परिवहन उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों पर बढ़ाई गई सब्सिडी हरित परिवहन, कार्बन उत्सर्जन में कमी तथा स्वच्छ पर्यावरण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह योजना न केवल युवाओं को स्थायी आजीविका उपलब्ध कराएगी, बल्कि प्रदेश में पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी।

Aapki Baat News Desk
Aapki Baat News Deskhttps://aapkibaatnews.com
आपकी बात न्यूज डेस्क देश, प्रदेश और स्थानीय स्तर की हर महत्वपूर्ण खबर को तेज, विश्वसनीय और तथ्यात्मक तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए समर्पित है। राजनीति, समाज, प्रशासन, शिक्षा, अपराध, मनोरंजन और जनसरोकार से जुड़े हर मुद्दे पर सटीक जानकारी और प्रभावशाली प्रस्तुति हमारी प्राथमिकता है, ताकि पाठकों को हर बड़ी अपडेट एक ही मंच पर मिल सके।

Latest Articles

Explore More