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आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण व समयबद्ध संचालन के निर्देश, नाहन में सक्षम गुड़िया बोर्ड की उपाध्यक्ष ने ली बैठक

सक्षम गुड़िया बोर्ड की उपाध्यक्ष अरूणा महाजन ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण, समयबद्ध संचालन और कार्यकर्ताओं के ड्यूटी के दौरान वर्दी में रहने के निर्देश दिए।नाह

नाहन : सक्षम गुड़िया बोर्ड की उपाध्यक्ष अरूणा महाजन ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण, समयबद्ध संचालन और कार्यकर्ताओं के ड्यूटी के दौरान वर्दी में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक हर हाल में पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।

समीक्षा बैठक के दौरान अरूणा महाजन ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि सक्षम गुड़िया बोर्ड का उद्देश्य राज्य की बालिकाओं और महिलाओं को सुरक्षा, कानूनी जागरूकता और सशक्तिकरण प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि बोर्ड बालिकाओं को शोषण से बचाने और उन्हें भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए कार्य कर रहा है।

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उन्होंने बताया कि गुड़िया हेल्पलाइन 1515 आपातकालीन सेवाओं के साथ समन्वय स्थापित कर पीड़िताओं को त्वरित सहायता और परामर्श उपलब्ध कराती है। इसके अलावा बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न कौशल प्रशिक्षण और अन्य आवश्यक सहायता भी प्रदान की जाती है।

उपाध्यक्ष ने अधिकारियों से मुख्यमंत्री सुखआश्रय योजना की प्रगति की जानकारी भी ली और कहा कि प्रदेश सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जाए और सभी केंद्र निर्धारित समय-सारणी के अनुसार खुलें और बंद हों। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं ड्यूटी के दौरान निर्धारित वर्दी में रहें। उन्होंने यह भी कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नशे के बढ़ते दुष्प्रभाव के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए, ताकि नशामुक्त समाज के लक्ष्य को धरातल पर साकार किया जा सके।

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बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि जिले के 1486 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 12,617 गर्भवती एवं धात्री महिलाओं और छह माह से छह वर्ष तक के 26,533 बच्चों को पोषाहार सहित अन्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि सिरमौर में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत जन्म के समय लिंगानुपात गत वर्ष 957 से बढ़कर इस वर्ष 1018 दर्ज किया गया है, जो देश और प्रदेश के औसत से अधिक है।

बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार, जिले के सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी और बाल संरक्षण अधिकारी रमा रेक्टा भी उपस्थित रहे।

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