
धौलाकुआं : पार्थेनियम यानी गाजर घास के बढ़ते प्रकोप और इससे होने वाले नुकसान के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, धौलाकुआं में पार्थेनियम उन्मूलन दिवस मनाया गया। इस दौरान केंद्र के वैज्ञानिकों और कर्मचारियों ने परिसर में गाजर घास को हटाने का अभियान चलाया और इसके प्रभावी नियंत्रण की जानकारी साझा की।
कार्यक्रम सह निदेशक (अनुसंधान एवं विस्तार) डॉ. प्रियंका ठाकुर की उपस्थिति में ये अभियान चलाया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों, कर्मचारियों और आमजन को पार्थेनियम खरपतवार से होने वाले नुकसान, इसकी पहचान और प्रभावी नियंत्रण के प्रति जागरूक करना रहा।
अभियान के दौरान प्रतिभागियों ने परिसर में उगी पार्थेनियम घास को हटाया। वैज्ञानिकों ने पार्थेनियम की सही पहचान, इसे सुरक्षित तरीके से हटाने और दोबारा फैलने से रोकने के उपायों के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम में केंद्र के वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान पार्थेनियम के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए नियमित निगरानी और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि गाजर घास जैसी खरपतवारों के प्रभावी प्रबंधन के लिए केवल एक दिन का अभियान पर्याप्त नहीं है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी लगातार जागरूकता और नियंत्रण गतिविधियां चलाना जरूरी है।
