शिमला : एडीआर (ADR) रिपोर्ट को लेकर भाजपा के जुबानी हमलों के बीच मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को तीखा पलटवार किया। उन्होंने अपनी संपत्ति को लेकर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी संपत्ति बढ़ी नहीं, बल्कि कम हुई है। उन्होंने कहा कि वह पिछले करीब 40 वर्षों से अपनी संपत्ति का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करते आ रहे हैं। ADR रिपोर्ट के बहाने उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने कोई नई संपत्ति नहीं खरीदी। जिन जमीनों का जिक्र किया जा रहा है, वे पहले से उनके स्वामित्व में थीं। समय के साथ उनकी बाजार कीमत बढ़ी है और उसी जमीन पर मकान बनने से संपत्ति का मूल्यांकन बढ़ा है। इसे नई संपत्ति बताकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है।
सुक्खू ने एडीआर रिपोर्ट की सटीकता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में उनकी शैक्षणिक योग्यता तक सही दर्ज नहीं की गई है। उनकी एमए और एलएलबी की डिग्रियों का उल्लेख नहीं किया गया, जबकि यह जानकारी पहले से सार्वजनिक है।
मुख्यमंत्री ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि यदि किसी को उनकी संपत्ति पर संदेह है तो ईडी और सीबीआई से जांच करा ली जाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने मेहनत और ईमानदारी से संपत्ति अर्जित की है और उन्हें किसी भी जांच से कोई डर नहीं है।
एक सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस का कोई विधायक बीजेपी में नहीं जा रहा है, लेकिन यदि कांग्रेस का कोई विधायक भाजपा में जाना चाहता है तो वो जा सकता है। कांग्रेस को विचारधारा से जुड़े लोगों की जरूरत है, बिकने वालों की नहीं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के विधायक भी टिकट के लिए लगातार संपर्क करते रहते हैं, लेकिन कांग्रेस ‘पेपर लीक’ और ‘चंदा चोर’ वाली भाजपा से किसी नेता को शामिल नहीं करेगी।
