शिमला : हिमाचल प्रदेश में बारिश का दौर एक बार फिर तेज होने वाला है। मौसम विभाग ने शनिवार को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, चंबा, कुल्लू और मंडी जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 27 से 29 जुलाई के बीच शिमला, मंडी, कांगड़ा, चंबा, कुल्लू, सिरमौर और सोलन समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार शुक्रवार शाम तक प्रदेश में 121 सड़कें यातायात के लिए बंद थीं। इसके अलावा 63 बिजली ट्रांसफार्मर और 89 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं, जिससे कई क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर, प्रशासन ने भारी बारिश के पूर्वानुमान के मद्देनजर लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
उल्लेखनीय है कि कई जिलों में बारिश आफत बनकर बरस रही है। बारिश से भूस्खलन जारी है। सड़कों पर हो रहे भूस्खलन ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बीते दिन लाहौल स्पीति में पहाड़ी से चलती गाड़ी पर चट्टान गिरने से 6 माह के मासूम सहित 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, मंडी जिले के गुम्मा में पहाड़ी से अचानक गिरे बड़े पत्थर (बोल्डर) की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। लिहाजा, हिमाचल में बरसातें जानलेवा साबित हो रही हैं। पिछले पांच से छह वर्षों में इस मानसूनी आपदा का कहर हजारों परिवारों पर टूट चुका है।
हिमाचल में इस बार अलनीनो के असर के चलते मौसम वैज्ञानिकों ने सामान्य से कम बारिश की आशंका जताई थी, लेकिन लगातार हो रही झमाझम बारिश ने न सिर्फ जुलाई में दर्ज कम बारिश के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है, अब प्रदेश सामान्य से अधिक बारिश वाले राज्यों की श्रेणी में पहुंच गया है। प्रदेश में जुलाई महीने के दौरान अब तक 204.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 192.8 मिलीमीटर मानी जाती है। यानी जुलाई में अब तक 6 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई है।
पिछले कुछ दिनों में मानसून ने ऐसा यू-टर्न लिया है कि पूरे मौसम का गणित बदल गया है। अब मौसम विभाग ने 27 जुलाई से प्रदेश में मानसून के फिर अधिक सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए 29 जुलाई तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।
