कालाअंब : हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब के रामपुर जट्टान स्थित माइक्रो मोशन फैक्ट्री में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे भीषण आग लग गई। आग ने कुछ ही मिनटों में पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। आसमान में धुएं का घना गुबार छा गया और दूर-दूर तक ऊंची लपटें दिखाई देने लगीं। हालात की गंभीरता को देखते हुए आसपास संचालित कई उद्योगों को एहतियातन बंद करवा दिया गया, ताकि आग अन्य इकाइयों तक न फैले।
हालांकि, आग लगने के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है। माइक्रो मोशन फैक्ट्री में गत्ते के डिब्बों का निर्माण किया जाता है। फैक्ट्री के भीतर रखा तैयार माल, कच्चा माल, पैकेजिंग सामग्री और महंगी मशीनरी आग की भेंट चढ़ गई। अधिकांश सामान जलकर राख हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही कालाअंब, नाहन और हरियाणा के नारायणगढ़ से दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। दोपहर तीन बजे तक भी आग पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पाया जा सका था। दमकल कर्मी लगातार पानी की बौछारें कर आग पर काबू पाने में जुटे रहे। राहत एवं बचाव कार्य में जेसीबी मशीनों की भी मदद ली गई, जबकि फैक्ट्री प्रबंधन, कर्मचारी और स्थानीय लोग भी आग बुझाने में लगे रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग के दौरान फैक्ट्री परिसर के भीतर कई तेज धमाके हुए। बताया जा रहा है कि गत्ते के डिब्बों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले चिपकाने वाले रसायन (एडहेसिव) के ड्रम तेज गर्मी के कारण फट गए, जिससे आग और अधिक भड़क गई।
फैक्ट्री के मालिक अनिरुद्ध अग्रवाल ने बताया कि घटना के समय वह अपने कार्यालय में बैठे थे। इसी दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और कर्मचारियों ने फैक्ट्री में आग लगने की सूचना दी। उन्होंने बताया कि देखते ही देखते आग ने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। उनके अनुसार प्रारंभिक तौर पर इस अग्निकांड में करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है।

फायर लीडिंग ऑफिसर रमेश चंद ने बताया कि नाहन, कालाअंब और हरियाणा के दमकल कर्मी लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटे रहे। आग की गंभीरता को देखते हुए कई फायर टेंडर मौके पर लगाए गए और लगातार प्रयास किए जा रहे थे।
थाना प्रभारी कालाअंब बलवंत कंवर ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल की जाएगी।
हालांकि नुकसान का आधिकारिक आकलन अभी नहीं किया गया है, लेकिन फैक्ट्री प्रबंधन के अनुसार इस अग्निकांड में करोड़ों रुपये की संपत्ति नष्ट हुई है। प्रशासन की ओर से नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।
अग्निकांड ने खड़े किए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
कालाअंब के इस भीषण अग्निकांड ने औद्योगिक क्षेत्र की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच का अहम विषय यह होगा कि क्या फैक्ट्री में अग्निशमन के पर्याप्त और कार्यशील उपकरण उपलब्ध थे तथा उनका नियमित निरीक्षण किया जाता था। साथ ही यह भी जांच होगी कि औद्योगिक क्षेत्र की अन्य फैक्ट्रियों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किस स्तर पर हो रहा है और संबंधित विभाग नियमित सुरक्षा ऑडिट कर रहा है या नहीं।
