शिमला : हिमाचल प्रदेश में मानसून ने दस्तक देते ही अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। पहले ही दिन मूसलाधार बारिश, भूस्खलन और सड़क हादसों ने प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया। अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। बारिश से कई सड़कें बंद हो गईं। बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी दी है, जिसके चलते प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, मानसून की शुरुआत के साथ हुई विभिन्न घटनाओं में सबसे अधिक तीन मौतें कांगड़ा जिले में दर्ज की गई हैं। इनमें एक व्यक्ति की मौत करंट लगने से और एक अन्य की ऊंचाई से गिरने के कारण हुई। मंडी में जिला सोलन की एक महिला की पत्थर लगने से जान गई।
बारिश और भूस्खलन का सबसे अधिक असर सड़क संपर्क पर पड़ा है। प्रदेशभर में 35 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। इनमें कुल्लू जिले की 18 सड़कें, मंडी की 11 और ऊना, सिरमौर व लाहौल-स्पीति की दो-दो सड़कें शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग की टीमें मशीनरी के साथ बंद मार्गों को जल्द बहाल करने में जुटी हुई हैं।
बिजली व्यवस्था भी बारिश की मार से अछूती नहीं रही। प्रदेश में 127 बिजली ट्रांसफार्मर ठप होने से कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है। सबसे ज्यादा 86 ट्रांसफार्मर कुल्लू जिले में बंद पड़े हैं। इसके अलावा सोलन और सिरमौर में 12-12, मंडी में 11 और ऊना में पांच ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। बिजली बोर्ड की टीमें लगातार मरम्मत कार्य कर रही हैं ताकि जल्द आपूर्ति सामान्य हो सके।
भारी बारिश से मंडी और शिमला जिले में एक-एक कच्चा मकान भी क्षतिग्रस्त हुआ है। हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक प्रदेश में किसी पेयजल योजना के प्रभावित होने की सूचना नहीं मिली है।
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। साथ ही सभी जिलों में राहत एवं बचाव एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट पर रखा गया है।
