नाहन|
हिमाचल प्रदेश भवन, सड़क एवं अन्य निर्माण मजदूर यूनियन (संबंधित सीटू) जिला कमेटी सिरमौर की बैठक में यूनियन के राज्य अध्यक्ष जोगिंद्र कुमार और सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार मुख्य रूप से मौजूद रहे. इस दौरान निर्माण मजदूरों को श्रमिक कल्याण बोर्ड से मिलने वाली सुविधाओं और रजिस्ट्रेशन में हो रही देरी के खिलाफ बैठक में विस्तृत चर्चा की गई.
बैठक को संबोधित करते हुए राज्य अध्यक्ष जोगिंद्र कुमार और सीटू जिला के महासचिव आशीष कुमार ने कहा कि मनरेगा व निर्माण मजदूरों की सहायता के लिए बने हिमाचल प्रदेश राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड का वर्तमान सरकार राजनीतिकरण कर रही है. बोर्ड की ओर से कल्याणकारी योजनाओं का जो लाभ मजदूरों को मिलना है, वह समय पर नहीं मिल रहा है. 2 वर्षों बाद भी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है.
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बोर्ड के बजट में से करोड़ों रुपए गाड़ियों और अन्य सामग्री पर खर्च कर रही है. यूनियन ने सरकार से मांग करते हुए बीओसीडब्ल्यू एक्ट व प्रवासी मजदूर कानून को दूसरे कानूनों में मर्ज न किया जाए, बल्कि इनकी कमियों को दूर कर इसे सख्ती से लागू भी किया जाए. बोर्ड में पंजीकृत मनरेगा व निर्माण मजदूरों को लाभ जल्द जारी किया जाए और पैंशन की राशि 3,000 रुपए की जाए.
निर्माण मजदूरों को मिलने वाले बोर्ड में हो रहे राजनैतिक हस्तक्षेप को रोका जाना चाहिए. निर्माण मजदूरों के पंजीकरण की प्रक्रिया सरल और 15 दिनों के अंदर करने के साथ-साथ बोर्ड से मिलने वाले लाभ आवेदन के 3 महीने के अंदर दिए जाने की भी मांग रखी. इसके अलावा जिला सिरमौर में पंजीकरण के लिए राजगढ़, सराहां, संगड़ाह में बोर्ड के कार्यालय चलाए जाए.
मजदूर नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मनरेगा व निर्माण मजदूरों की मांगें पूरी नहीं की गई, तो यूनियन आने वाले समय में बोर्ड की बैठक के दौरान बोर्ड कार्यालय का घेराव करने के साथ-साथ धरना प्रदर्शन करेगी. बैठक में जिला कमेटी का भी गठन किया गया, जिसमें कश्मीरी चंद को अध्यक्ष और राजेश तोमर को जिला महासचिव चुना गया. इसके अलावा हरिंदर, राम सिंह को उपाध्यक्ष, हीरा सिंह और प्रोमिला को सचिव, संजय, नरेश चंद, दिनेश, मीरा, प्रोमिला सहित 15 सदस्यों की कमेटी चुनी गई.