नाहन|
पांवटा साहिब-शिलाई-गुम्मा नेशनल हाईवे-707 को चौड़ा करने के दौरान हुए नुकसान के संदर्भ में मंगलवार को नाहन में बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीसी सिरमौर सुमित खिमटा ने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) को सड़क चौड़ा करने के दौरान प्राकृतिक जलस्त्रोतों, सिंचाई एवं पेयजल योजनाओं को हुए नुकसान को शीघ्र अतिशीघ्र ठीक करने के निर्देश दिए हैं.
- फेसबुक से जुड़िए :
https://www.facebook.com/aapkibaatnewsnetwork
व्हाट्सएप से जुड़िए :
https://chat.whatsapp.com/Bt5i2xDZdHIJRSRE3FkG4m
उन्होंने बताया कि इस नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य 80 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है. अब इसका 20 प्रतिशत कार्य शेष रह गया है, जिसे शीघ्र पूरा कर दिया जाएगा. उन्होंने मोर्थ के अधिकारियों को शेष बचे कार्यों को शीघ्र पूरा करने के साथ साथ इस कार्य के दौरान जल शक्ति विभाग की सिंचाई एवं पेयजल योजनाओं, प्राकृतिक जल स्रोतों और स्थानीय सड़कों को हुए नुकसान को जल्द ठीक करने के निर्देश दिए.
इसके साथ साथ डीसी ने इस सड़क पर यातायात को सुचारू रखने के भी निर्देश दिए, ताकि लोगों को यातायात में कोई असुविधा न हो. बैठक में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी अभिषेक मित्तल, खनन अधिकारी सिरमौर कुलभूषण शर्मा, अधिशासी अभियंता जल शक्ति विभाग जगबीर वर्मा, मोर्थ के पीडी साश्वत माहापात्रा, हरजीत सिंह, जीसी सत्या, वी श्रीनिवास राव, शिकायत कर्ता व समाजसेवी नाथूराम मौजूद रहे.