धमून-हाब्बन सड़क की बदहाली पर फूटा लोगों का गुस्सा, चक्का जाम की चेतावनी, 15 दिन का अल्टीमेटम

कमल शर्मा ने बताया कि धमून से हाब्बन तक की सड़क का निर्माण वर्ष 1972 में लोक निर्माण विभाग द्वारा किया गया था, लेकिन बीते 55 वर्षों में इसे आज तक पक्का नहीं किया गया।

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राजगढ़ : डिम्मन क्षेत्र के लोगों ने धमून-हाब्बन सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर लोक निर्माण विभाग को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। क्षेत्रवासियों ने साफ कहा है कि यदि आगामी 15 दिनों के भीतर सड़क की आवश्यक मरम्मत नहीं की गई तो समूचे डिम्मन क्षेत्र के लोग सनौरा में चक्का जाम कर विरोध दर्ज करेंगे। यह चेतावनी डिम्मन क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडल ने अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग राजगढ़ मंडल से मुलाकात के दौरान ज्ञापन सौंपते हुए दी।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे कमल शर्मा ने बताया कि धमून से हाब्बन तक की सड़क का निर्माण वर्ष 1972 में लोक निर्माण विभाग द्वारा किया गया था, लेकिन बीते 55 वर्षों में इसे आज तक पक्का नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इस सड़क से प्रतिदिन बसों और छोटे वाहनों की आवाजाही होती है, जिससे कच्ची सड़क की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है और अब यह पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है।

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कमल शर्मा ने बताया कि बरसात के कारण सड़क कई स्थानों पर पूरी तरह टूट चुकी है। कई जगहों पर दो-दो फीट गहरे गड्ढे बन चुके हैं, जबकि कुछ हिस्सों में सड़क पर करीब 60 डिग्री तक की तीखी चढ़ाई है। ऐसे हालात में यदि किसी बस या भारी वाहन का एक्सल या टायर क्षतिग्रस्त होता है तो बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि बरसात के बाद सड़क से केवल इतना ही मलबा हटाया गया कि वाहन किसी तरह निकल सकें। कुछ समय पहले सड़क की मरम्मत के लिए तीन से चार मल्टीटास्क कर्मियों को तैनात किया गया था, लेकिन बीते चार महीनों से उन्हें अन्य स्थानों पर भेज दिया गया, जिससे सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है।

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प्रतिनिधिमंडल ने नायब तहसीलदार राजगढ़ के माध्यम से लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह को भी ज्ञापन भेजकर सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है और चेताया है कि तय समय सीमा में कार्रवाई न होने पर आंदोलन किया जाएगा।