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शौर्य चक्र विजेता मरीन कमांडो अमित राणा की सड़क हादसे में मौत, सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई

हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के ज्वालामुखी उपमंडल के तहत तहसील खुंडियां की पंचायत देहरू के गांव लाहडू निवासी शौर्य चक्र विजेता मरीन कमांडो अमित सिंह राणा (32) का सोमवार देर रात एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया।

ज्वालामुखी : हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के ज्वालामुखी उपमंडल के तहत तहसील खुंडियां की पंचायत देहरू के गांव लाहडू निवासी शौर्य चक्र विजेता मरीन कमांडो अमित सिंह राणा (32) का सोमवार देर रात एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया।

अमित राणा सोमवार को ही 40 दिन की छुट्टी पर अपने घर पहुंचे थे, लेकिन कुछ ही घंटों बाद हुए हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। देश की रक्षा में अदम्य साहस और पराक्रम की मिसाल कायम करने वाले इस वीर जांबाज की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

पूर्व सैनिक लीग खुंडियां के अध्यक्ष रिटायर्ड कर्नल एमएस राणा के अनुसार अमित राणा सोमवार दोपहर करीब चार बजे अपने एक रिश्तेदार से मिलने के लिए घर से निकले थे। देर रात करीब 11 बजे रिश्तेदार के घर से लौटते समय डफलूं के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर करीब 400 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहां सड़क की हालत काफी खराब है।

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हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोग और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। खाई बेहद गहरी होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य काफी चुनौतीपूर्ण रहा।

करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अमित राणा को गंभीर हालत में सड़क तक पहुंचाया और तुरंत खुंडियां अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहां पहुंचना भी अत्यंत कठिन था।

अमित राणा भारतीय नौसेना के प्रतिष्ठित मरीन कमांडो दस्ते MARCOS में तैनात थे। वर्ष 2018 में जम्मू-कश्मीर में ‘ऑपरेशन रक्षक’ के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण आतंकवाद विरोधी अभियानों में हिस्सा लिया।

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कठिन परिस्थितियों में उन्होंने अपनी टीम के साथ बहादुरी का परिचय देते हुए आठ आतंकवादियों को मार गिराने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके साहस, नेतृत्व क्षमता और कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए वर्ष 2021 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया था।

अमित राणा अपने पीछे पत्नी मीनाक्षी राणा, 4 वर्षीय बेटे, माता और पिता को छोड़ गए हैं। उनके पिता भारतीय सेना की जैक राइफल्स की 10वीं रेजिमेंट में नायब सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं।

मंगलवार को अमित राणा का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और नम आंखों से वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी।

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Aapki Baat News Desk
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