ऊना : हिमाचल प्रदेश की जिला ऊना पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और बीएनएस की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, 6 अक्तूबर को पुलिस थाना अंब के प्रभारी निरीक्षक विपन शर्मा की अगुवाई में पुलिस टीम गश्त पर थी। इस दौरान कैलाशनगर नकड़ोह में मोटरसाइकिल सवार अर्जुन सिंह निवासी कैलाशनगर नकड़ोह को जांच के लिए रोका गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 5.77 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद हुआ।
इसके बाद पुलिस ने नियमानुसार आरोपी के घर की तलाशी ली, जहां से 8.73 ग्राम अतिरिक्त चिट्टा/हेरोइन बरामद किया गया। इस तरह पुलिस ने कुल 14.50 ग्राम चिट्टा बरामद किया।
पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान मौके पर पहुंचा एक कार चालक हरकीरत सिंह निवासी वार्ड नंबर-6, देव नगर, भरवाई रोड, पुलिस टीम पर वाहन चढ़ाने का प्रयास करते हुए कार समेत फरार होने की कोशिश करने लगा। पुलिस टीम ने उसे भी पकड़ लिया और मामले में गिरफ्तार कर लिया।
एसपी ऊना सचिन हिरेमठ ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में अर्जुन सिंह ने पुलिस को बताया कि हरकीरत सिंह उससे चिट्टा खरीदने के लिए आया था। पुलिस अब मामले की गहनता से जांच कर रही है। नशे की सप्लाई के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगाले जा रहे हैं, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके।
जिला पुलिस ऊना ने लोगों से अपील की है कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस ने कहा कि नशामुक्त और सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए पुलिस के साथ आम जनता का सहयोग भी जरूरी है।
2.77 ग्राम चिट्टे के साथ एक धरा
एक अन्य मामले में जिला पुलिस ऊना ने एक व्यक्ति को 2.77 ग्राम चिट्टा/हेरोइन के साथ मौके पर धर दबोचा।
पुलिस के अनुसार, 6 अक्तूबर 2026 की शाम पुलिस थाना चिंतपूर्णी की टीम एएसआई अनुज कुमार, अन्वेषणाधिकारी के नेतृत्व में गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई कर रही थी।
इसी दौरान शिव मंदिर भरवाई के पास खड़े एक व्यक्ति की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 2.77 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद हुआ।
आरोपी की पहचान अनुज भारद्वाज निवासी करियाडा, तहसील देहरा, जिला कांगड़ा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की प्रासंगिक धाराओं के तहत अभियोग दर्ज किया है।
पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। नशे की सप्लाई से जुड़े बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी को नशे की खेप कहां से मिली और इसे आगे किसे पहुंचाया जाना था।
