नाहन : शिक्षा खंड के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक पाठशाला ठाकुरद्वारा का बुधवार को उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा सिरमौर राजीव राजीव ठाकुर ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई खामियां उजागर हुईं, जिसे लेकर अध्यापकों की खूब क्लास लगी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों की पढ़ाई, सामान्य ज्ञान, साफ-सफाई, पुस्तकालय और पीएम पोषण योजना के तहत तैयार किए जा रहे भोजन सहित स्कूल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
स्कूल परिसर और शौचालय में साफ-सफाई की व्यवस्था अच्छी पाई गई, लेकिन बच्चों का शैक्षणिक स्तर अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिला।
निरीक्षण के दौरान बच्चों के सामान्य ज्ञान का भी परीक्षण किया गया। इसमें छात्रों का सामान्य ज्ञान स्तर बहुत निम्न पाया गया।
अध्यापकों को बच्चों के शैक्षणिक स्तर में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। सामान्य ज्ञान में सुधार के लिए अध्यापकों को एक महीने का समय दिया गया है, ताकि बच्चों के ज्ञान के स्तर में अपेक्षित सुधार हो सके।
उपनिदेशक ने पुस्तकालय में रखी पुस्तकों के आवंटन की भी जांच की। निरीक्षण में पाया गया कि विद्यार्थियों को पुस्तकालय की किताबों का सही तरीके से आवंटन नहीं किया जा रहा है। इस कमी को दूर करने के निर्देश देते हुए अध्यापकों से बच्चों को पुस्तकालय की किताबें पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा गया।
स्कूल में प्री-प्राइमरी सहित कुल 57 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और दो अध्यापक कार्यरत हैं। स्कूल से करीब 10 मीटर की दूरी पर आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित है, जहां एक हेल्पर और एक वर्कर तैनात हैं तथा वर्तमान में केवल दो बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान प्री-प्राइमरी में पढ़ रहे 23 बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को आंगनबाड़ी केंद्र के साथ समायोजित करने की संभावनाओं पर भी निर्देश दिए गए।
स्कूल के अध्यापक को बाल विकास परियोजना अधिकारी के साथ पत्राचार करने को कहा गया है, ताकि प्री-प्राइमरी के बच्चों की शिक्षा व्यवस्था आंगनबाड़ी केंद्र के साथ समायोजित की जा सके। इससे पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था स्कूल में कार्यरत अध्यापक नियमित रूप से देख सकेंगे।
स्कूल में पीएम पोषण योजना के तहत तैयार किए जा रहे भोजन का भी निरीक्षण किया गया। भोजन पौष्टिक पाया गया। हालांकि, मुख्यमंत्री पौष्टिक आहार योजना के तहत बच्चों को उबला हुआ अंडा नहीं दिया जा रहा था।
निरीक्षण के दौरान कई बच्चों से इस संबंध में बातचीत की गई, जिसमें उन्होंने अंडा खाने की सहमति जताई। इसके बाद अध्यापक को निर्देश दिए गए कि जो बच्चे उबला हुआ अंडा खाना चाहते हैं, उन्हें योजना के तहत आवश्यक रूप से अंडा उपलब्ध करवाया जाए।
अध्यापकों को बच्चों की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच भी सही और स्पष्ट तरीके से करने के निर्देश दिए गए। कहा गया कि होमवर्क की जांच इस तरह की जाए कि बच्चों को अपनी गलतियों का पता चल सके और वे उनमें सुधार कर सकें। निरीक्षण के दौरान यशपाल शर्मा प्रवक्ता डाइट नाहन भी उपस्थित रहे।
उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा राजीव ठाकुर ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को गंभीरता से लेते हुए पाठशाला के प्रभारी अध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया है।
साथ ही अध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित समय में बच्चों के शैक्षणिक और सामान्य ज्ञान के स्तर में सुधार सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि संबंधित केंद्रीय मुख्य शिक्षक को भी फोन के माध्यम से निर्देशित किया कि वह यहां पर सोमवार को आकर पूरा दिन पाठशाला का नियमित निरीक्षण करें एवं आवश्यक दिशा निर्देश दें, ताकि पाठशाला में जो कमियां हैं उनको ठीक किया जा सके और बच्चों की पढ़ाई में सुधार लाया जा सके।
साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार पाठशाला परिसर में कोई भी जानवर प्रवेश न करे, ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
