नाहन : जिला मुख्यालय नाहन में पिछले कई दिनों से जारी बिजली कटौती और 29 जून को निर्धारित 11 घंटे के शटडाउन के 15-16 घंटे तक खिंचने पर विरोध तेज हो गया है। इसे लेकर वार्ड नंबर-4 की पार्षद पूजा तोमर ने प्रदेश सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, तो वहीं सीटू ने भी बोर्ड की कार्यप्रणाली पर मोर्चा खोल दिया है।
पूजा तोमर ने यहां जारी प्रेस बयान में कहा कि पिछले कई दिन से नाहन में घंटों बिजली गुल हो रही है। चाहे मौसम साफ हो या खराब। दो दिन पहले बारिश के दौरान करीब छह घंटे तक बिजली बाधित रही। वहीं 29 जून को सुबह 8:30 बजे से शाम 7:30 बजे तक घोषित शटडाउन रात करीब 11 बजे तक चला, जिससे पूरा नाहन घंटों तक अंधेरे में डूबा रहा। लोग भारी गर्मी और उमस के बीच परेशान रहे। उन्होंने कहा कि बिजली बहाल होने के बाद भी वोल्टेज इतना कम था कि पंखे तक सही ढंग से नहीं चल पा रहे थे।
पार्षद ने कहा कि लंबे बिजली कट से अस्पतालों, मेडिकल इमरजेंसी, व्यापारियों, विद्यार्थियों, बुजुर्गों और आम परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि पावर कट लंबा खिंचने के बाद जब लोगों ने अधिकारियों से सूचना लेना चाही तो विभाग का शिकायत नंबर काम नहीं कर रहा था और अधिकारी व कर्मचारियों ने लोगों के फोन तक नहीं उठाए। उन्होंने प्रदेश सरकार से पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न होने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
उधर, सीटू की सिरमौर इकाई के जिला महासचिव आशीष कुमार ने बयान जारी कर कहा कि नाहन में लगातार हो रही बिजली कटौती आम जनता के लिए असहनीय हो चुकी है। उन्होंने कहा कि 29 जून का 11 घंटे का घोषित शटडाउन बढ़कर लगभग 15-16 घंटे तक पहुंच जाना गंभीर प्रशासनिक विफलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद लोगों को संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
सीटू ने प्रदेश सरकार और विद्युत विभाग से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और विद्युत व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो सीटू आम जनता के साथ मिलकर जनआंदोलन चलाने के लिए बाध्य होगा।
