नाहन : जिला सिरमौर में मंगलवार को तेज हवाओं के साथ हुई हल्की बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दीं। सुबह के वक्त रुक-रुक कर हुई बूंदाबांदी के कारण खेतों में कटी पड़ी जौ और गेहूं की फसल भीग गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका सताने लगी है। छह महीने की मेहनत से तैयार फसल पर मौसम की मार पड़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
वहीं, तेज अंधड़ ने रही सही कसर पूरी कर दी। आंधी के बीच खेतों में खड़ी गेहूं समेत कई फसलें लेटा दी। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। नकदी फसलों को भी आंधी में प्रभावित किया।
इन दिनों जिला सिरमौर के कई हिस्सों में लहसुन की खोदाई भी शुरू हो चुकी है, लेकिन इस दौरान हुई बारिश किसानों के लिए नई परेशानी बन गई। किसानों के अनुसार बारिश के कारण खेत से निकाले गए लहसुन के खराब होने की ज्यादा संभावना रहती है, जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित होती है और बाजार में कीमत पर भी इसका असर पड़ता है।
बारिश और तेज हवा के चलते तापमान में गिरावट जरूर दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन किसानों के लिए यह राहत चिंता में बदल गई। दिनभर किसान अपनी फसल को बचाने के लिए खेतों में तिरपाल से जौ, गेहूं और लहसुन को ढकते नजर आए। हालांकि दोपहर बाद मौसम साफ हो गया, लेकिन सुबह के वक्त कई जगह बारिश और बूंदाबांदी ने किसानों को परेशानी में डाल दिया।
मौसम में आए एकाएक बदलाव से लोगों ने गर्मी से कुछ राहत महसूस की। सिरमौर के जिला मुख्यालय नाहन समेत निचले इलाकों में पिछले कई दिनों से प्रचंड गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। इस बीच लोगों को मौसम की अचानक करवट से थोड़ी बहुत राहत मिली।
मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों तक मौसम खराब रहने की चेतावनी जारी की है, जिससे किसानों की बेचैनी और बढ़ गई है। अगर मौसम इसी तरह बना रहा तो सिरमौर के किसानों की मेहनत पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
