शिमला : हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव का आधिकारिक एलान होते ही प्रदेशभर में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने चुनाव कार्यक्रम जारी करते हुए बताया कि प्रदेश की 3754 पंचायतों में तीन चरणों में मतदान होगा, जबकि आनी और नग्गर की दो पंचायतों में कार्यकाल शेष होने के कारण फिलहाल चुनाव नहीं होंगे। चुनाव घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए 50 लाख 79 हजार मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। 29 अप्रैल को अधिसूचना जारी होगी, जबकि 7, 8 और 11 मई को नामांकन दाखिल किए जाएंगे। 12 मई को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 14 व 15 मई को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रथम चरण का मतदान 26 मई, द्वितीय चरण का 28 मई और तृतीय चरण का मतदान 30 मई को होगा।
जिला उपायुक्त अपने-अपने जिलों में चरणवार मतदान कार्यक्रम जारी करेंगे, जिससे स्पष्ट होगा कि किस क्षेत्र में किस दिन मतदान होगा। पंचायत और शहरी निकाय चुनावों पर 30 से 40 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। पंचायती राज संस्थाओं में इस बार कुल 31,214 प्रतिनिधियों का चुनाव होना है। इनमें पंचायत सदस्य, प्रधान, उपप्रधान, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य शामिल हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव की मतगणना 31 मई को होगी। इसी दिन नगर निगम चुनाव परिणाम भी घोषित किए जाएंगे।
चुनाव में विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग रंग के बैलेट पेपर निर्धारित किए गए हैं। पंचायत सदस्य के लिए सफेद, उपप्रधान के लिए पीला, प्रधान के लिए हल्का हरा, बीडीसी सदस्य के लिए गुलाबी और जिला परिषद सदस्य के लिए हल्का नीला बैलेट पेपर इस्तेमाल होगा।
वहीं रोहड़ू नगर परिषद और नारकंडा नगर पंचायत चुनाव के लिए भी कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। यहां 22 मई को मतदान होगा, जिसके साथ प्रदेश के 53 शहरी निकायों में भी आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है।