देहरादून/सिरमौर : हिमाचल प्रदेश में जल संरक्षण, जलस्रोतों के पुनर्जीवन एवं जल प्रबंधन के क्षेत्र में SARRA (Spring and River Rejuvenation Authority/Project) परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं विभिन्न राज्यों में अपनाए जा रहे उत्कृष्ट मॉडलों के अध्ययन के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश जल प्रबंधन बोर्ड का प्रतिनिधिमंडल इन दिनों उत्तराखंड के अध्ययन भ्रमण पर है।
अध्ययन भ्रमण के दौरान बुधवार को प्रतिनिधिमंडल ने लच्छीवाला रेंज और लच्छीवाला नेचर पार्क का दौरा किया। इस दौरान अधिकारियों ने क्षेत्र में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जलस्रोतों और नदी पुनर्जीवन के लिए किए गए कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड वन विभाग की ओर से SARRA के साथ कन्वर्जेन्स मॉडल के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी ली।
जलस्रोतों को बचाने के मॉडल पर समझी तकनीक
प्रतिनिधिमंडल ने जलस्रोतों के पुनर्जीवन, जलग्रहण क्षेत्रों के उपचार और नदी-नालों में जल प्रवाह बनाए रखने के लिए अपनाए जा रहे उपायों को समझा। अधिकारियों ने कार्यों की तकनीकी संरचना, योजना तैयार करने की प्रक्रिया और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के बारे में भी जानकारी हासिल की।
इस दौरान जल संरक्षण के लिए विभिन्न विभागों के संसाधनों और विशेषज्ञता को एक साथ जोड़कर कन्वर्जेन्स आधारित मॉडल विकसित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी देखा कि प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण में वैज्ञानिक उपायों के साथ स्थानीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों को किस तरह जोड़ा जा रहा है।
हिमाचल में अपनाए जा सकते हैं उत्तराखंड के सफल मॉडल
हिमाचल और उत्तराखंड की भौगोलिक एवं पर्वतीय परिस्थितियों में समानता को देखते हुए इस अध्ययन भ्रमण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड में अपनाई जा रही Best Practices को समझा और इन्हें हिमाचल में जल संरक्षण तथा स्प्रिंग-रिवर रेजुवेनेशन के कार्यों में लागू करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
उत्तराखंड वन विभाग और SARRA के अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को विभिन्न जल संरक्षण एवं पुनर्जीवन कार्यों की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने प्राकृतिक जलस्रोतों को बचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और दोनों राज्यों के बीच तकनीकी ज्ञान एवं अनुभव के आदान-प्रदान को और मजबूत करने पर जोर दिया। इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता जल शक्ति विभाग जिला सिरमौर राजीव महाजन और ग्राउंडवाटर ऑर्गेनाइजेशन हिमाचल प्रदेश के उपाध्यक्ष शशि शर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
