नाहन : शिक्षा खंड सुरला के ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए शिक्षकों ने अनूठी पहल शुरू की है। राजकीय माध्यमिक विद्यालय सलानी में अंडर-14 खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। खंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर चयनित 18 छात्र और 16 छात्राएं इस शिविर में प्रशिक्षण ले रहे हैं। ये प्रशिक्षण शिविर 17 सितंबर तक चलेगा।
खास बात यह है कि खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, रहने और खाने का पूरा खर्च शिक्षक स्वयं उठा रहे हैं। यह प्रशिक्षण शिविर पिछले कई वर्षों से शिक्षकों की ओर से आयोजित किया जा रहा है। शिविर के बाद चयनित खिलाड़ी जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में शिक्षा खंड सुरला का प्रतिनिधित्व करेंगे।
खंड खेलकूद प्रभारी एवं शारीरिक शिक्षक जगदीश चंद ने बताया कि ग्रामीण स्तर पर प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें उचित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देने की है। उन्होंने कहा कि बेहतर सुविधाओं के अभाव के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। बच्चों की प्रतिभा को देखते हुए शिक्षकों ने उन्हें जिला स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने का निर्णय लिया।
शिविर में पवन शर्मा, शारीरिक शिक्षक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बनेठी, विनोद कुमार, शारीरिक शिक्षक राजकीय माध्यमिक पाठशाला कंडईवाला, विक्रम सिंह ठाकुर, शारीरिक शिक्षक राजकीय माध्यमिक पाठशाला बलसार, संजय कुमार, शारीरिक शिक्षक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कौलांवाला भूड़, कृष्ण चंद, शारीरिक शिक्षक राजकीय उच्च विद्यालय डाकवाला और राजेश कुमार, शारीरिक शिक्षक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बर्मा पापड़ी प्रशिक्षण में सहयोग दे रहे हैं।
छात्राओं की सुरक्षा और प्रशिक्षण व्यवस्था में सुदेश कुमारी, शारीरिक शिक्षिका राजकीय उच्च विद्यालय निहोग तथा मीना देवी, शारीरिक शिक्षिका राजकीय माध्यमिक पाठशाला खैरी सहयोग कर रही हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पालियों के प्रधानाचार्य कमल पुंडीर और समाजसेविका अंजू पुंडीर रोजाना खिलाड़ियों को फल वितरित कर रहे हैं। वहीं बृजभूषण व आशिमा टीजीटी तथा कमल किशोर लिपिक की ओर से भी आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है।
जगदीश चंद ने बताया कि खिलाड़ियों को सुबह और शाम मैदान में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दिन के समय आराम के साथ-साथ खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि वे भविष्य में क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।
