HomeHimachalBilaspurMSP बढ़ोतरी का असर: बिलासपुर में रोजाना 30 हजार लीटर से ज्यादा...

MSP बढ़ोतरी का असर: बिलासपुर में रोजाना 30 हजार लीटर से ज्यादा दूध उत्पादन, आय को मिली रफ्तार

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए गाय के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का 71 रुपये प्रति लीटर तय किए जाने से पशुपालकों को उनकी मेहनत का बेहतर दाम मिल रहा है और उनकी आय में स्थिरता के साथ बढ़ोतरी भी दर्ज हो रही है।

बिलासपुर : प्रदेश सरकार द्वारा दुग्ध उत्पादकों के हित में तय किया गया न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला अहम कदम साबित हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए गाय के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का 71 रुपये प्रति लीटर तय किए जाने से पशुपालकों को उनकी मेहनत का बेहतर दाम मिल रहा है और उनकी आय में स्थिरता के साथ बढ़ोतरी भी दर्ज हो रही है।

इस फैसले का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है, जहां पशुपालन आजीविका का प्रमुख आधार है। पहले जहां पशुपालकों को बाजार के उतार-चढ़ाव और मोलभाव का सामना करना पड़ता था, वहीं अब उन्हें अपने उत्पाद का तय मूल्य मिल रहा है। इससे न केवल आर्थिक सुरक्षा बढ़ी है, बल्कि पशुपालन के प्रति लोगों का रुझान भी तेज हुआ है।

ये भी पढ़ें:  एटक के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश भारद्वाज का निधन, श्रमिक आंदोलन और ट्रेड यूनियन जगत में शोक की लहर

जिला बिलासपुर में भी इस योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। यहां के चंगर निवासी दुग्ध उत्पादक किसान किशन लाल ने बताया कि वह दो भैंसों से प्रतिदिन 4 से 5 लीटर दूध बेचते हैं और अब उन्हें घर बैठे ही अच्छे दाम मिल रहे हैं। उन्होंने सरकार द्वारा तय किए गए न्यूनतम समर्थन मूल्य को अपनी आय के लिए सहायक बताया। इसी तरह लखनपुर की पानो देवी, जो गाय और भैंस दोनों पालती हैं, का कहना है कि अब उन्हें दूध के बेहतर दाम मिल रहे हैं जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। जुखाला क्षेत्र के धमथल गांव की रीना देवी ने भी इस निर्णय को पशुपालकों के लिए राहत भरा बताया है।

ये भी पढ़ें:  पर्यटन और स्वरोजगार को बढ़ावा: आतिथ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री पर्यटन स्टार्ट-अप योजना को मंजूरी

जिले के अन्य पशुपालकों का भी मानना है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य उनके लिए आर्थिक संबल साबित हो रहा है। समय-समय पर इसमें की जा रही बढ़ोतरी से उनकी आय में लगातार सुधार हो रहा है और दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा मिल रहा है।

उप-निदेशक पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन डॉ. किशोरी लाल शर्मा के अनुसार, जिला बिलासपुर में 7490 किसानों के माध्यम से प्रतिदिन 30,446 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जिसमें कामधेनु हितकारी मंच नम्होल और कहलूर मिल्क उत्पादक को-ऑपरेटिव सोसाइटी नम्होल भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा फ्रेट सब्सिडी योजना के तहत किसानों को प्रति लीटर दूध पर 3 रुपये फ्रेट सब्सिडी और 3 रुपये इंसेंटिव दिया जा रहा है, जिससे उत्पादन को और बढ़ावा मिल रहा है।

ये भी पढ़ें:  इंटरनेशनल यूथ कॉन्क्लेव: ओडिशा में हिमाचल प्रदेश को पहला पुरस्कार

उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को पूरी गंभीरता से लागू किया जा रहा है ताकि पात्र लोगों तक समयबद्ध तरीके से लाभ पहुंचाया जा सके।

Aapki Baat News Desk
Aapki Baat News Desk
"आपकी बात न्यूज़" एक लोकप्रिय हिंदी समाचार प्लेटफॉर्म है, जो राजनीति, समसामयिक घटनाओं, मनोरंजन, खेल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर ताजे अपडेट्स प्रदान करता है।

Latest Articles

Explore More