शिमला : मनमोहन सिंह हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान फेयरलॉन में प्रशिक्षण ले रहे एचएएस (HAS) अधिकारियों ने नालदेहरा में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा संचालित हिमईरा भवन का दौरा किया, जिसमें प्रदेश के सभी जिलों के उत्पाद सीएलएफ की महिलाओं द्वारा विक्रय किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त इस हिमईरा भवन में पहाड़ी व्यजनों के स्टॉल भी लगाए गए हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों ने हिमईरा में निर्मित उत्पादों का गहनता से अवलोकन किया और उद्यमी महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए रूचि के अनुरूप सामान की खरीद फरोक्त भी की। इस मौके पर महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न प्रकार के पहाड़ी व्यंजनों सिडडू, पटांडे, मालपूड़े इत्यादि व्यंजनों का भी लुत्फ उठाया।
अधिकारियों का स्वागत करते हुए खंड विकास अधिकारी मशोबरा अंकित कोटिया ने बताया कि इस विकास खंड में 523 स्वयं सहायता समूह, 47 ग्राम संगठन और तीन संकुल स्तरीय संगठन गठित हुए हैं। हिमईरा का संचालन सबका साथ सबका विकास सीएलएफ द्वारा किया जा रहा है।
इससे पूर्व यह ग्रामीण भंडार के रूप में इस विकासखंड की महिलाओं द्वारा चलाया जा रहा था। वर्ष 2024 में जिला प्रशासन के द्वारा इस भवन के विस्तार हेतु धनराशि का प्रबंध करवाया गया था, जिसके फलस्वरूप हिमईरा के भवन को बड़ा निर्मित किया गया, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इस भवन में अपने उत्पाद तैयार करके विक्रय कर सकें।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस भवन में पूरे हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों से बने उत्पाद हिमईरा ब्रांड के नाम से बेचे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एसआरएलएम के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं स्वाबलंबी बनीं हैं। उन्होंने बताया कि इस केंद्र के उत्पादों एवं पहाड़ी व्यंजनों की काफी अच्छी बिक्री होती है जिससे महिलाओं की आर्थिकी सुदृढ़ हो रही है। इसके फलस्वरूप वर्तमान इस समय विकासखंड मशोबरा से 1540 महिलाएं लखपति बन चुकी हैं।
