HomeHimachalShimlaराज्य सरकार और यूएनडीपी के बीच समझौता, अपशिष्ट प्रबंधन कर्मियों के सशक्तिकरण...

राज्य सरकार और यूएनडीपी के बीच समझौता, अपशिष्ट प्रबंधन कर्मियों के सशक्तिकरण को ‘सफाई मित्र योजना’ का आगाज

हिमाचल प्रदेश सरकार और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने आज राज्य में जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूल, समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

शिमला : हिमाचल प्रदेश सरकार और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने आज राज्य में जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूल, समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में राज्य सरकार की ओर से पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव सुशील सिंगला तथा यूएनडीपी की ओर से रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव डॉ. एंजेला लुसिगी ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।

इस साझेदारी के अंतर्गत परिपत्र अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकॉनोमी), अपशिष्ट प्रबंधन, कचरा प्रबंधन कर्मियों का सामाजिक समावेशन, कचरा संग्रहण के लिए इलैक्ट्रिक मोबिलिटी तथा अन्य जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूल विकास प्राथमिकताओं जैसे महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग किया जाएगा।

समझौते में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और जैव विविधता संरक्षण को भी शामिल किया गया है, जिसमें परिदृश्य पुनर्स्थापन, पारिस्थितिकी-आधारित अनुकूलन, प्रकृति-आधारित समाधान, स्थानीय समुदायों के लिए जैव विविधता से जुड़े सतत आजीविका अवसर, महत्त्वपूर्ण आवास क्षेत्रों और जैव विविधता कॉरिडोर का संरक्षण तथा जलवायु-संवेदनशील क्षेत्रों में पारिस्थितिकीय लचीलापन बढ़ाने के लिए नियामक और प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ करना शामिल है।

ये भी पढ़ें:  एनडीएमए के सदस्य और सचिव ने किया सिस्सू झील में GLOF अर्ली वार्निंग सिस्टम का निरीक्षण, मनाली में रणनीतिक बैठक

इसके अतिरिक्त, यह साझेदारी महिलाओं, वंचित समुदायों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की योजना निर्माण एवं कार्यान्वयन प्रक्रियाओं में भागीदारी सुनिश्चित कर लैंगिक रूप से संवेदनशील और सामाजिक रूप से समावेशी विकास को बढ़ावा देगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समझौता राज्य को वैश्विक सर्वाेत्तम प्रथाओं को स्थानीय समाधानों के साथ जोड़ने में सक्षम बनाएगा, जिससे हिमालयी क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी की रक्षा करते हुए लोगों के लिए हरित एवं सतत आजीविका के अवसर सृजित किए जा सकेंगे। यह सहयोग राज्य को सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने में सहायक होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समझौता हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य तथा हिमालयी क्षेत्र में सतत विकास के एक आदर्श के रूप में विकसित करने की राज्य सरकार की परिकल्पना के अनुरूप है।

ये भी पढ़ें:  राज्य स्तरीय ग्रीष्मोत्सव घुमारवीं में होगा कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन, विजेताओं को मिलेंगे आकर्षक इनाम

उन्होंने कहा कि यह साझेदारी ज्ञान आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण, पायलट परियोजनाओं के क्रियान्वयन तथा दीर्घकालिक पर्यावरणीय और विकासात्मक लक्ष्यों की पूर्ति के लिए जलवायु वित्त जुटाने पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्यभर के असंगठित अपशिष्ट प्रबंधन कर्मियों के सशक्तिकरण के उद्देश्य से ‘सफाई मित्र योजना’ का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन कर्मी समाज को अपनी अमूल्य सेवाएं देकर स्वच्छता और पर्यावरणीय स्थिरता बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि सफाई मित्रों की गरिमा, सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की परिपत्र अर्थव्यवस्था की परिकल्पना के केंद्र में हैं। यह योजना उन लोगों को अधिक पहचान, सहयोग और अवसर प्रदान करेगी, जो स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण योगदान देते हैं।

ये भी पढ़ें:  मूल्य निर्धारण समिति की बैठक में गैर लकड़ी वन उपज की नई दरों को मंजूरी

ये भी पढ़ें : अधिकारी-कर्मचारियों के तबादलों पर लगी रोक जारी रखने के आदेश

ये भी पढ़ें : नगर निकायों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव में विधायक को वोट डालने का अधिकार देने पर हाईकोर्ट की रोक

Latest Articles

Explore More