शिलाई की द मिल्ला को-ऑपरेटिव सोसाइटी को एक बार फिर उत्कृष्ठ पुरस्कार, कांडो बांदली को दूसरा स्थान

दोनों सहकारी सभाएं अपने क्षेत्र के विकास और सदस्यों के हित के लिए निरंतर और उत्कृष्ट कार्य करती आ रही हैं।

0

नाहन : सहकारिता क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए जिला सिरमौर के दूरदराज शिलाई क्षेत्र की दो सहकारी सभाओं ने खंड स्तर पर उत्कृष्ट स्थान हासिल किया है। ‘द मिल्ला को-ऑपरेटिव सोसाइटी’ को पहला और ‘दी कांडो बांदली सहकारी सभा’ को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है।

RTO Add

इन दोनों सभाओं को यह सम्मान 72वें अखिल भारतीय सहकारिता दिवस समारोह-2025 के अवसर पर नाहन के बर्मा पापड़ी में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया।

दोनों सहकारी सभाएं अपने क्षेत्र के विकास और सदस्यों के हित के लिए निरंतर और उत्कृष्ट कार्य करती आ रही हैं।

ब्लॉक शिलाई के अंतर्गत यह दोनों सभाएं किसानों और अपने सदस्यों को 24 घंटे सातों दिन सेवाएं देने के लिए जानी जाती हैं। संसाधनों की कमी और भौगोलिक विविधताओं के बावजूद शिलाई जैसे दूरदराज के क्षेत्र से आकर इन सभाओं ने सहकारिता आंदोलन में अमूल्य भूमिका निभाई है।

ये भी पढ़ें:  10वीं और 12वीं में अच्छे अंक लाने पर धौण स्कूल में फूल मालाएं पहना नवाजे होनहार, हलवा खिलाया, लंच भी कराया

इस समारोह में दोनों सोसायटियों ने साबित किया कि चुनौतियां कितनी ही बड़ी क्यों न हों, वे हौसले के आगे पस्त हो ही जाती हैं।

यह सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि एडिशनल रजिस्ट्रार सहकारी सभाएं हिमाचल प्रदेश केवल राम शर्मा, डी.सी.यू. के अध्यक्ष बलदेव भंडारी, डी.डी.एम. नाबार्ड और ए.आर.सी.एस. सिरमौर ने प्रदान किए।

इस मौके पर द मिल्ला कोऑपरेटिव सोसाइटी सभा के प्रधान मदन खुराना और सचिव पपेंद्र ठाकुर ने पहला पुरस्कार प्राप्त ग्रहण किया जबकि, द्वितीय पुरस्कार दी कांडो बांदली सहकारी सभा की ओर से सहसचिव ओम प्रकाश शर्मा ने प्राप्त किया।

इस दौरान इन दोनों सभाओं ने साबित किया कि सहकारिता ही वह मूल भाव है, जिससे साधनों के अभाव में भी हर चुनौती को पार किया जा सकता है।

ये भी पढ़ें:  क्या 'कमजोर किला' जीतने के लिए वरिष्ठ नेता को 'जिले' में रोका गया या प्रदेश संगठन में जगह न देने के पीछे कोई दबाव?